अरे बाप रे! ये क्या घट रहा है? एक मोटा सा लौंडा, जिसके ऊपर कुदरत मेहरबान है! अंदर झाँको तो हसीना, बाहर ताको तो दिलफरेब! पर ट्विस्ट तो ये है कि ये दोनों ही ज़िंदा लाशें हैं! और इस जगह का तो अजीब ही नियम है, ये बीमारी फैलती भी तो कैसे? बस 'पटर-पटर' करने से!
कमरे में जो खड़ी है, वो है अपने दोस्त पतलू की गर्लफ्रेंड। अभी तो बेचारी ज़ोंबी बनने के पहले स्टेज में है, ज़्यादा बदली-बदली भी नहीं लग रही। अब मोटू का क्या कसूर, दोस्त की बंदी पर कैसे बुरी नज़र डाले? पर यार, उधर गोरी मेम की तो अलग ही डिमांड है! अब मोटू भी सोचता है, 'मरना है तो ऐसी अदाओं पे मरें, क्या गम!' आखिर गोरी मेम ने खुद ही तो इशारा किया था, अब अपने दिल को कैसे समझाए?
दूसरे कमरे में देखो तो घुंघराली बालों वाली का सीन चल रहा है। पहलवान जैसे ही पतलून चढ़ाता है, एकदम रंग बदल जाता है! अपनी गर्लफ्रेंड के मैसेज की बात छेड़ देता है। किसी और लौंडे ने उसे सॉसेज खाने का न्योता दिया था! घुंघराली बालों वाली पीछे-पीछे माफी माँगती फिरती है, पर पहलवान तो मुँह फेरकर निकल जाता है। और तभी होता है खेला! एक ज़ोंबी सफाईकर्मी अंदर घुस जाता है, और घुंघराली बालों वाली भी हो जाती है 'टंटा-फ्री'!
इधर होटल का मालिक देखता है कि पहलवान की पीठ पर कुछ चिपका हुआ है - इस्तेमाल किया हुआ 'छतरी'! भला आदमी था, बोला, "अरे ओ पहलवान, ये क्या चिपका रखा है? हटा ले इसे।" पहलवान ने उठाया और कचरे के डिब्बे के पास यूँ ही फेंक दिया। निशाना तो देखो! एकदम फिसड्डी, पर लगा कहाँ? सीधा उस छोटे जंगली के मुँह पर! वो जो डिब्बे से टकराकर बेहोश हो गया था! पर मज़े की बात ये है कि घुंघराली बालों वाली और उसके बॉयफ्रेंड को कुछ नहीं हुआ, तो छोटा जंगली भी बाल-बाल बच गया, ज़ोंबी बनने से तो रहा!
उधर गोरी मेम तो पूरी तरह से ज़ोंबी बन चुकी थी! अब 'एक्सरसाइज' भी ज़ोरों पर थी! और बेचारा मोटू, उस चक्कर में दबकर ही मर गया!
एक घंटा बीत गया। छोटा जंगली होश में आया और अपने कमरे में घुस गया। अँधेरा था, कुछ दिख नहीं रहा था, पर बिस्तर पर एक सफेद सा 'तकिया' दिखा। उसने सोचा, 'वाह! गोरी मेम मेरा इंतज़ार कर रही है!' और चढ़ गया बिस्तर पर! पर ये क्या? वो तो लाश अकड़ रही थी! छोटा जंगली अंदर फँस गया, निकल ही नहीं पा रहा था! जैसे ही उसने लाइट जलाई, तो डर के मारे उसकी तो सिटी-पिटी गुम! पर असली डर तो अभी बाकी था! ज़ोंबी मालकिन भी भूखी शेरनी की तरह झपटी! पर छोटे जंगली की हालत देखकर, वो भी बस आँखें फाड़े रह गई, कुछ कर नहीं पाई!
अब दूसरी तरफ का सीन देखो। गोरी मेम के साथ जो लहराती बालों वाली आई थी, वो पहलवान की क्लासमेट थी। अकेले मर्द और औरत, बैठे अपनी पुरानी बातें कर रहे थे। किसी को क्या पता कि होटल के अंदर क्या गुल खिल रहे हैं! तभी छोटी लहराती बालों वाली ने गोरी मेम की चीख सुनी, तो वो देखने गई कि क्या हुआ। गोरी मेम ने मुड़कर देखा तो उसकी तो हवा टाइट! तब उसे पता चला कि उसकी सहेली तो ज़ोंबी बन चुकी है! शुक्र है पहलवान ने झट से गाड़ी से बंदूक निकाली और गोरी मेम को ढेर कर दिया!
फिर दोनों ने सोचा कि चलो, पुलिस को ढूंढते हैं। पर गाड़ी स्टार्ट भी नहीं हुई थी कि सफाईकर्मी फिर से आ धमका! शीशा तोड़कर पहलवान को बाहर खींच लिया! और उसकी पैंट उतारकर उसे भी 'वो बीमारी' देने लगा! क्यों? क्योंकि पहलवान के बदन पर घुंघराली बालों वाली की महक आ रही थी! जब पहलवान की 'इज्जत' खतरे में थी, तो छोटी लहराती बालों वाली ने ठोंक दिया सफाईकर्मी को! पर उसने पैर में गोली मारी थी, तो सफाईकर्मी को क्या फर्क पड़ता? वो तो पहलवान की पैंट उतारने में लगा रहा! छोटी लहराती बालों वाली दूसरी गोली चलाने ही वाली थी कि वही गोरी मेम फिर से ज़िंदा होकर उसके सामने खड़ी हो गई! पहलवान ने देखा कि अब तो अपनी जान खुद ही बचानी पड़ेगी! उसने एक ज़ोरदार लात सफाईकर्मी के 'उस' जगह पर मारी! और भाई साहब, वो सफाईकर्मी तो गोली लगने से भी ज़्यादा दर्द में कराह उठा! नीचे पकड़कर दूर हट गया! तभी पहलवान को समझ आया, ज़ोंबी की असली कमजोरी तो 'वहाँ' है! उसने चिल्लाकर छोटी लहराती बालों वाली को बोला कि गोरी मेम को भी वहीं मारे! पर बेचारी में इतनी ताकत कहाँ? गोरी मेम थोड़ी देर के लिए रुकी, फिर से पागल कुत्ते की तरह दौड़ी! शुक्र है दोनों तेज़ी से भागे और कमरे में घुस गए!
कमरे में छोटी लहराती बालों वाली का बॉयफ्रेंड भी था। दोनों ने उसे बाहर का सारा किस्सा सुनाया। काले को आधी बात पल्ले पड़ी, आधी नहीं। वो खिड़की से झाँकने गया। दस मिनट बाद पुलिस की गाड़ी सायरन बजाती हुई आई। होटल के बाहर चक्कर लगाया, सब ठीक-ठाक दिखा। फिर कमरों की तलाशी शुरू की। पहला कमरा था छोटे जंगली का। वो तो अभी भी फँसा हुआ था! पुलिस से मदद माँग सकता था, पर शर्म के मारे कुछ बोल नहीं पाया। फिर पुलिस पहलवान और उसके साथियों से मिली। पर उनकी कहानी सुनकर पुलिस वालों को बिल्कुल यकीन नहीं हुआ! सोचा, 'ये कॉलेज के लौंडे ड्रग्स-वग़ैरह ले आए होंगे, तभी ऐसी उल्टी-सीधी बातें कर रहे हैं!' तभी, देखो तो! वो सफाईकर्मी उनके ठीक पीछे पहुँच गया था! अपनी पतली-पतली बाहों के मसल्स दिखा रहा था! पुलिस वाला मुड़ा तो डर के मारे उसकी तो बोलती बंद! कुछ पूछ भी नहीं पाया था कि, उसके ऊपर किसी ने एक बड़ा सा...
आगे क्या होता है, भाई? क्या ये ज़ोंबी का कहर रुकेगा? कौन बचेगा और कौन मरेगा? जानने के लिए बने रहो अपने भाई के चैनल Filmi Totka पर! और हाँ, लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करना मत भूलना!
तो दोस्तों, ये थी इस ज़ोंबी वाली फिल्म की पूरी कहानी, एकदम देसी अंदाज़ में! कैसी लगी? कमेंट में ज़रूर बताना! और अगर किसी और फिल्म का टोटका जानना हो, तो वो भी बताना! मिलते हैं अगली वीडियो में, तब तक के लिए... टाटा-बाय-बाय!

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